उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के खानपुर थाना के बभनौली गांव निवासी अजय सिंह यादव और ईचवल निवासी सोनाली सिंह बचपन से ही एक दूसरे को पसंद करते थे। हाईस्कूल की पढ़ाई के दौरान दोनों का प्रेम संबंध इस कदर बढ़ा कि साथ-साथ रहने की और एक-दूजे के लिए जीने-मरने की कसमें खाया करते थे।
जब दोनों अपने प्रौढ़ावस्था में आए तो अजय पुलिस महकमे में सिपाही के पद पर भर्ती हो गया। इसके बाद दोनों ने परिजनों को बिना बताए कोर्ट मैरिज कर ली। इधर, जब सोनाली सिंह के परिवार को कोर्ट मैरिज की जानकारी मिली तो उन्होंने इस शादी को स्वीकार करने से मना कर दिया।
अपनी चचेरी बहन की सगाई पर छुट्टी लेकर अमेठी से आए अजय को सोमवार की भोर में सोनाली से फोन करवाकर परिजनों ने घर बुलाया। इसके बाद सोनाली एवं अजय की परिजनों ने जमकर पिटाई की। बाद में सोनाली के पिता राजेश सिंह ने उसके सिर में गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया।
बाद में अजय की कनपटी में गोली मारकर रामपुर गांव के पास फेंक आए। इधर, हत्यारे पिता ने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर घर के पास गेहूं के खेत में पुत्री के शव को दफना दिया। जब पुलिस मृतक के स्मार्ट फोन पर मिले काल डिटेल और सर्विलांस के सहारे मृतका सोनाली के घर पहुंची तो वहां से मृतक पुलिस कर्मी अजय की चप्पल बरामद हुई।इसके बाद तो शक और गहरा गया। पूछताछ के बाद हत्यारोपी पिता की निशानदेही पर पुत्री के शव को पुलिस ने बरामद कर पूरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुट गई। इधर, ग्रामीण भी इस घटना के बाद से जहां सकते में हैं, वहीं दोनों गांवों में चारों तरफ मातम फैला हुआ है।


