Pension News : केंद्र सरकार ने देश के लाखों पेंशनरों को बड़ी राहत दी है। अब पेंशनभोगी बुजुर्गों को जीवन प्रमाण पत्र लेने के लिए आधार कार्ड की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। साथ ही संदेश एप और सरकारी ऑफिस में एटेंडेंस लगाने के लिए भी आधार प्रमाणीकरण को स्वैच्छिक कर दिया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने इसे लेकर एक सर्कुलर जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि संगठनों को जीवन प्रमाण-पत्र देने के लिए वैकल्पिक तरीके निकालने चाहिए।
साथ ही नेशनल इन्फार्मेटिक्स सेंटर को आधार कानून 2016, आधार नियमन 2016 और यूआइडीएआइ द्वारा समय-समय पर जारीसर्कुलर और दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। जीवन प्रमाण पत्र पेंशनरों के लिए एक जरूरी हिस्सा बन गया है। इसकी शुरुआत तब हुई जब बुजुर्गों को अपनी पेंशन लेने के लिए जीवित होने का प्रमाण देने के लिए परेशान होना पड़ता था। यहां तक की जहां नौकरी करते थे, वहां से जीवन प्रमाणपत्र लाकर पेंशन वितरण एजेंसी को देना होता था। डिजिटल सुविधा शुरू होनों के बाद पेंशनरों की कई तकलीफे कुछ हद तक कम हुई। लेकिन कई पेंशनधारियों को शिकायत थी कि आधार कार्ड नहीं होने से उन्हें पेंशन मिलने में कठिनाई हो रही है। उनके अंगूठे का निशान मेल नहीं खा रहा हैं।

