नारनौल 2,4,2021 ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाण की बैठक पी डब्लू डी रेस्ट हाउस नारनौल मे कोषाध्यक्ष महेंद्रसिंह की अध्यक्षता मे हुई सचालन कृष्ण कुमार सचिव ने किया बैठक मे सर्व प्रथम 2 ,4 ,2018के आन्दोलन के हुए शहदो को श्रदाजली अर्पित किया बैठक को संबोधित करते हुए कामरेड सुभाष चंद्र एडवोकेट महासचिव ग्रामीण सफाई यूनियन ने कहा काग्रेस प्रार्टी की गलत नितीयो के विरोध मै भा ज पा सता मे आते ही काग्रेस की नितियो को आगे बढाने का काम किया लम्बे सघर्ष के बाद जनवादी अधिकार प्राप्त हुआ l
भा ज पा श्रम कानूनो को बदल कर मजदूरो का अधिकार छिन्न रही है महंगाई लगातार बढ रही है सरकारी विभाग को बेच कर निजीकरण को बढा रही है आज आजादी केआन्दोलन महान क्रान्तिकारीयो की कुर्बानी को नष्ट कर रही हे शिक्षा का निजीकरण कर सरकारी विद्यालय को बंद कर रही है कोषाध्यक्ष महेंद्रसिंह बैठक को संबोधित करते हुए कहा की सरकार सफाई के प्रति हर रोज ड्रामा कर रही है लेकिन सफाई कर्मचारीयो के लिए कोई कदम नही उठा रही है महेंद्रसिंह ने कहा की ग्रामीण सफाई कर्मचारीयो को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए तब तक न्यूनतम वेतन 28000रू महीना व मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराए जाए ड्रेस के 8000रू साल का
जोखिम भता लागू किया जाए सफाई के उपकरण उपलब्ध कराए जाए वेतन हर माह की निश्चित तारीख को दिया जाए गजेटिड छुटियो के अलावा साल मे 45छुटी लागू किए जाए उपप्रधान मजू देबी ने कहा की महिला कर्मचारी को मातृत्व लाभ व पुरुष कर्मचारी को चाइल्ड केयर लिव लागू किए जाए महिला कर्मचारी की जिस पंचायत मे नियुक्त है वहा पर काम करवाया जाए पोलीथीन चुगवाना बन्द किया जाए सफाई कर्मचारी को मास्क स्नेटराईज साबुन और ग्लाउज उपलब्ध कराए जाए कृष्ण कुमार सचिव ने कहा की ग्रामीण सफाई कर्मचारी को सामाजिक सुरक्षा लागू किया जाए अगर सरकार हमारी मांगो का समाधान नही किया तो खण्ड स्तर से लेकर राज्य स्तर पर आन्दोलन तेज किया जाए तमाम ग्रामीण सफाई कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए लघुसचिवालय मे सी टी एम नारनौल के माध्यम से मुख्य मन्त्री हरियाण सरकार के नाम मांग पत्र भेजा बैठक व प्रदर्शन मे हरिराम राजेंद्र राजपाल जामत सुन्दर देबी रमेश कुमार राकेश कुमार सोमबीर प्रवीण कुमार अरविंद कुमार अनिल कुमार राकेश कुमार दिपक अशोक कुमार ओमप्रकाश व सेकडो कर्मचारी उपस्थित हुए जारीकर्ता कामरेड सुभाष चंद्र एडवोकेट महासचिव ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाण



