अब बधाई देने वालों और किन्नरों के बीच न कोई परेशानी खड़ी होगी और न ही कोई विवाद खड़ा होगा।
आपके घर में बेटा-बेटी की शादी हो या बच्चे का जन्म। अब बधाई तय की गई राशी के मुताबिक ही होगा। इसलिए अब कोई भी न तो कम भुगतान करेगा और न ही किन्नर बेहिसाब डिमांड नहीं कर पाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि सुपर कोऑपरेटिव हाऊस बिल्डिंग फर्स्ट सोसायटी लिमिटेड ने चंडीगढ़ में किन्नरों को दी जाने वाली शगुन की राशि को फिक्स कर दिया है। इस कदम से अब बधाई देने वालों और किन्नरों के बीच न कोई परेशानी खड़ी होगी और न ही कोई विवाद खड़ा होगा।इस बारे में बात करते हुए सोसायटी के प्रेसिडेंट राजिंदर सिंह बडहेड़ी ने बताया कि एक विशेष बैठक में आम लोगों को विशेष मौकों पर आने वाली दिक्कतों के बारे में चर्चा की गई। इस दौरान यह समस्या सामने आई कि विवाह-शादी या बच्चे के जन्म के मौके पर कई बार लोगों और किन्नरों के बीच दान राशि को लेकर इतना विवाद बढ़ जाता है कि पुलिस बुलानी पड़ती है। लेकिन इस फैसले से तयशुदा शगुन दरों से अधिक राशि के लिए अब कोई दबाव नहीं डाल पाएगा।
Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप
बधाई के रेट तय:अब नहीं होगा बधाई को लेकर विवाद, चंडीगढ़ में किन्नरों को दी जाने वाली शगुन की राशि हुई फिक्स
आपके घर में बेटा-बेटी की शादी हो या बच्चे का जन्म। अब बधाई तय की गई राशी के मुताबिक ही होगा। इसलिए अब कोई भी न तो कम भुगतान करेगा और न ही किन्नर बेहिसाब डिमांड नहीं कर पाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि सुपर कोऑपरेटिव हाऊस बिल्डिंग फर्स्ट सोसायटी लिमिटेड ने चंडीगढ़ में किन्नरों को दी जाने वाली शगुन की राशि को फिक्स कर दिया है। इस कदम से अब बधाई देने वालों और किन्नरों के बीच न कोई परेशानी खड़ी होगी और न ही कोई विवाद खड़ा होगा।
इस बारे में बात करते हुए सोसायटी के प्रेसिडेंट राजिंदर सिंह बडहेड़ी ने बताया कि एक विशेष बैठक में आम लोगों को विशेष मौकों पर आने वाली दिक्कतों के बारे में चर्चा की गई। इस दौरान यह समस्या सामने आई कि विवाह-शादी या बच्चे के जन्म के मौके पर कई बार लोगों और किन्नरों के बीच दान राशि को लेकर इतना विवाद बढ़ जाता है कि पुलिस बुलानी पड़ती है। लेकिन इस फैसले से तयशुदा शगुन दरों से अधिक राशि के लिए अब कोई दबाव नहीं डाल पाएगा। उन्होंने बताया कि कोविड 19 के कारण कई लोग बेरोजगार हुए तो कईयों का काम मंदी पर है। ऐसे में हर कोई एक क्राइसिस के बीच से गुजर रहा है।
यह हैं शगुन की तय की गई दरें
- पौत्री के जन्म समयः 11,000 रुपए
- पौत्र के जन्म समयः 21,000 रुपए
- बेटी के शादी के समयः 11,000 रुपए
- बेटे के शादी के समयः 21,000
ननिहाल परिवार के लिए दरें
- नातिन के जन्म समयः 5,100 रुपए
- नाती के जन्म समयः 11,000 रुपए


