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किसान आंदोलन के बीच हरियाणा के भिवानी जिले में धारा- 144 लागू

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 किसान आंदोलन के बीच हरियाणा के भिवानी जिले में जिलाधिकारी जयबीर सिंह आर्य के आदेश पर धारा- 144 लागू कर दी गई है। बता दें कि इससे पहले हरियाणा सरकार प्रदेश के 17 जिलों में इंटरनेट सेवा भी ठप कर चुकी है। प्रदेश सरकार ने सबसे पहले 26 जनवरी की शाम सोनीपत, झज्जर और पलवल जिले में इंटरनेट सेवा बंद की थी। 

भिवानी के जिलाधिकारी जयबीर सिंह आर्य ने 29 जनवरी को जिले में धारा-144 लागू करने का आदेश दिया। जिले में जिलाधिकारी के आगामी आदेश तक धारा-144 लागू रहेगी। ऐसे में पांच से ज्यादा लोग सार्वजनिक स्थान पर जुट नहीं सकते हैं। आदेश का उल्लघंन करने पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। जिले में कानून-व्यवस्था को बनाये रखने के लिए धारा-144 लागू करने का फैसला लिया गया।इन जिलों में ठप रहेगी इंटरनेट सेवा

हरियाणा सरकार ने शुक्रवार को 22 में से 17 जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं। सोनीपत, झज्जर व पलवल में पहले से इंटरनेट सेवा बंद थी, केवल वायस कॉल की ही सुविधा का लाभ उठा सकते थे। दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों व स्थानीय ग्रामीणों में बढ़ रही झड़पों को देखते हुए हरियाणा सरकार ने अब अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, पानीपत, हिसार, जींद, रोहतक, भिवानी, चरखी दादरी, फतेहाबाद, रेवाड़ी और सिरसा जिलों में भी वायस कॉल को छोड़कर इंटरनेट सेवाओं को 30 जनवरी शाम पांच बजे तक बंद करने का निर्णय लिया है। 
गृह विभाग ने दूरसंचार अस्थायी सेवा निलंबन (लोक आपात या लोक सुरक्षा) नियम, 2017 के नियम 2 के तहत इंटरनेट सेवाएं बंद करने के आदेश दिए हैं। बीएसएनएल (हरियाणा अधिकार क्षेत्र) सहित हरियाणा की सभी टेलिकॉम सेवाएं देने वाली कंपनियों को इस आदेश का पालन सुनिश्चित करना होगा। यह आदेश क्षेत्र में शांति और सार्वजनिक व्यवस्था में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए जारी किए गए हैं। 
कोई भी व्यक्ति इन आदेशों के उल्लंघन का दोषी पाया जाएगा तो वह संबंधित प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई के लिए उत्तरदायी होगा। सरकार ने एसएमएस, व्हाट्सएप, फेसबुक ट्विटर आदि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से दुष्प्रचार और अफवाहों के प्रसार को रोकने के लिए इंटरनेट सेवाओं को बंद करने का निर्णय लिया है।

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