जिला समुचित प्राधिकरण की टीम ने राजस्थान-हरियाणा के बॉर्डर क्षेत्र में गर्भ में भ्रूण की जांच करवाने वाले गिरोह के दो सदस्यों को पकड़ा है। आरोपी राजस्थान के एक निजी अस्पताल में गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड करवाते थे। टीम ने दोनों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाकर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।जिला समुचित प्राधिकरण को गुप्त सूचना मिली थी कि एक नेटवर्क राजस्थान हरियाणा के बॉर्डर एरिया में भ्रूण लिंग जांच करवाता है। जिस पर जिला समुचित प्राधिकरण द्वारा डॉ. अरुण कालरा के नेतृत्व में डॉ. हर्ष चौहान, हेमंत ग्रोवर जिला औषधि नियंत्रक व संजीव कुमार की टीम बनाई गई। उस टीम ने रविवार को एक डेकोय मरीज बना कर जालु सिंह निवासी दुधवा से संपर्क किया गया। उसने गर्भ में भ्रूण की जांच के लिए 70 हजार रुपये की मांग की। जिसमें 50 हजार रुपये ऑनलाइनपहले डालने पर आगे की कार्रवाई करने को कहा व 20 हजार रुपये काम होने के बाद देने को कहा। 50 हजार रुपये ऑनलाइन डलवाने के बाद उसने 31 जनवरी को गर्भ में भ्रूण की जांच के लिए निजामपुर पहुंचने को कहा। पीएनडीटी टीम डेकोय मरीज के साथ निजामपुर पहुंची। इसके बाद जालु सिंह ने गर्भवती महिला को दनचोली मोड़ पर बुलाया। वहां पर जालु सिंह एक अन्य व्यक्ति अजय निवासी टीबा बसई के साथ पहुंचा। वहां सेगर्भवती महिला को अजय अपने साथ अजित हॉस्पिटल मिहड़ा राजस्थान ले जाकर नार्मल एंटीनेटल अल्ट्रासाउंड करवाया और वापस दनचोली मोड़ पहुंच कर गर्भवती महिला के पेट में लड़का होना बताया। बाकी के 20 हजार रुपये जालु सिंह को देकर रेडिंग टीम को इशारा कर दिया। इशारा मिलते ही टीम ने दोनों को पुलिस के सहयोग से पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपियों से मौके पर ही 20 हजार रुपये बरामद किए। अजित हॉस्पिटल का अभी कोईरोल जांच में नहीं मिला। टीम ने नांगल चौधरी थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाकर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
एक टिप्पणी भेजें
